Wednesday 27 August 2008

बस्ता

अंग्रेजी संस्कृति शिक्षा की नई पध्दति भारी बस्ता हालत खस्ता लम्बा रस्ता नया जमाना नई सोच बच्चा ढोता भारी बोझ स्टेटस का खेल बच्चा बना बैल == प्रदीप मानोरिया

3 comments:

Udan Tashtari said...

सही है-बेहतरीन लिखा!!

महेंद्र मिश्रा said...

भारी बस्ता
हालत खस्ता
sahi likha hai aaj charo ki yahi sthiti hai . bahut badhiya.
(word verification hataye.)

amit said...

छोटी कविता बड़ी बात
वर्तमान यथार्थ
बधाई