Tuesday 3 February 2009

टी वी न्यूज चैनल

  • टी वी न्यूज चैनल की कलाकारी है / 
  • टी आर पी का भूत इन पर तारी है / 
  • सनसनी वारदात जैसे कार्यक्रम / 
  • पैदा करते वीभत्सता डर और भ्रम / 
  • समाज की जागरूकता के नाम पर दे रहे नालेज / 
  • वास्तव में बन गये हैं अपराध सिखाने के कालेज / 
  • हमें समाज को जगाना है ये तो इक बहाना है / 
  • इन्हैं तो अपराध करना सिखाना है / 
  • आपराधिक प्रवृति के ये एंकर / 
  • जिनका व्यक्तित्व ही है भयन्कर / 
  • समाज को ये क्या जगायेंगे / 
  • वीभत्सता ही परोसते रह जायेंगे / 
  • == प्रदीप मानोरिया
  • 09425132060

17 comments:

अल्पना वर्मा said...

Tv..TRP..Soaps....Reality ki realty bata di aap ne thode shbdon mein

संगीता पुरी said...

बिल्‍कुल सही कहा....

विष्णु बैरागी said...

ऐसी दो-टूक बात करेंगे तो ये आपके समाचार नहीं दिखाएंगे।
सच बोजना गुनाह है भाई।

Udan Tashtari said...

एकदम सटीक बात!

विवेक सिंह said...

सत्यवचन महाराज ! विष्णु जी से सहमत !

दिगम्बर नासवा said...

टी वी न्यूज चैनल की कलाकारी है
टी आर पी का भूत इन पर तारी है

सत्य वचन..........TRP के चक्कर में ये देश का बुरा हाल कर रहे हैं
शशक्त रचना

COMMON MAN said...

कुछ भी कर सकते हैं टीआरपी के भिखारी.

COMMON MAN said...

कुछ भी कर सकते हैं टीआरपी के भिखारी.

Jyotsna Pandey said...

बहुत सटीक टिप्पणी की है आपने .
अब मैं क्या टिप्पणी करूँ
शब्द खोज रही हूँ
,हमेशा की तरह सत्य से अवगत करती आपकी रचना .............
शुभकामनाएं

sandhyagupta said...

Kisi ko phir aaina dikhaya aapne. Bahut khub.

dheeraj said...

न्यूज चैनलों की करनी का सही लेखा जोखा आपने दिया है । यही हकीकत है आज के न्यूूज चैनलो का । खबर होती नही है खबर तैयार की जाती है । शु्क्रिया

मुकेश कुमार तिवारी said...

प्रदीप जी,

खबर की खूब खबर ली आपने और खबर के / में बने रहने के प्रयासो की कान खिंचाई की है.

अपनी बीमारी के चलते कुछ दिन ब्लॉगिंग से दूर रहा. अब वापस लौटा हूँ.


मुकेश कुमार तिवारी

दिलीप कवठेकर said...

अपराधी प्रवृत्ती के ये एंकर..

बात सटीक कही है.

hem pandey said...

आपराधिक प्रवृति के ये एंकर /
जिनका व्यक्तित्व ही है भयन्कर /
समाज को ये क्या जगायेंगे /
वीभत्सता ही परोसते रह जायेंगे /
-२६/११ की घटना पर यह वीभत्सता वीभत्स रूप से प्रकट हुई.

jayaka said...

न्यूज के नाम समाज को ग़लत चीजें थमाई जा रही है|... यही वास्तविकता है|

BrijmohanShrivastava said...

बिल्कुल सही बात कही है भाई बहुत बोर करते हैं ,देखते भी नहीं बनता विना देखे भी नहीं रहा जाता

विजययात्रा said...

इस टीआरपी की भारी दौड में हम संकल्प क्यों नहीं लेते टीवी ना देखने का..... वैसे इन टीवी चैनल वालों को प्रोत्साहित भी हम ही करते है....