Thursday 22 January 2009

आज की फैशन

  • फैशन की दुनिया में जबरदस्त कमाल है |
  • अल्पता और लघुता से आया हुआ भूचाल है |
  • पूर्व के आविष्कारों में स्कर्ट की लंबाई घटती गई |
  • अब स्कर्ट ऊपर से टॉप नीचे से घट जाना है फैशन नई |
  • low waist स्कर्ट या जीन्स show waist टॉप का नया फैशन है |
  • उसकी मोबाइल से फोटोग्राफी लडकों का पेशन है |
  • ऐसे नये फैशन से सुसज्जित कन्यायें |
  • जब सायकिल रिक्शा पर बैठ कर जायें |
  • पीछे चलने वाली मोटर साईकिल की गति मंद और ड्राइवर की ऑंखे फैल जाती हैं |
  • इससे होती हैं सडक दुर्घटनायें और इसमें पेट्रोल की बर्बादी है |
  • इस नई low waist और show waist फैशन से देश का नुकसान है |
  • कपडों की मितव्वियता और पेट्रोल के अपव्यय से देश परेशान है |
प्रदीप मानोरिया 09425132060

23 comments:

makrand said...

bahut thik kaha aapne

Udan Tashtari said...

सही कहा! ऐसा भी क्या फैशन.

डॉ .अनुराग said...

क्या कहे !आपकी दृष्टि निराली है

विवेक सिंह said...

सही कहा!

Nirmla Kapila said...

bahut hi steek baat kahi hai dukh hota hai ki aaj ki naari kis ore jaa rahi hai

BrijmohanShrivastava said...

येफैशन कहाँ जाकर खत्म होगा कल्पना से परे है /इस पर कटाक्ष करते कितना वक्त हो गया पर कोई असर नहीं /शायद आपको याद हो ,बहुत बहुत वर्ष पूर्व मनोज कुमार ने एक फ़िल्म में गाना गाया था ""ये फैशन बढ़ता बढ़ता गया और कपड़ा तन से घटता गया ""इसके बाद फिर क्या होगा /आज आपने फिर एक कविता लिखी ,क्या असर करेगी ? कोई भी कवि अपने युग की अवहेलना नहीं कर सकता ,इसलिए लिखा तो जायेगा ही ""हम कहे जाते है कोई सुन रहा हो या न हो "

COMMON MAN said...

कटु सत्य, लेकिन इस पीढ़ी को समझ में आये तब बात बने.

Atul Sharma said...

आपको क्‍या लगता है लो वेस्‍ट पहनने वालों को इसका पता नहीं है, पता सब कुछ है पर नए जमाने में यह नयी सोच है और यह उनका अपना व्‍यक्तिगत मसला है । जिसे बुरा लगता है वह न देखे और जिसे अच्‍छा लगता है वह बार बार देखे, और अपनी मोटर साइकिल रिक्‍शे से धीमी गति से रखे ।

robin raj said...

naya jamana hai sir...kya kar sakte hain

विक्रांत बेशर्मा said...

इस नई low waist और show waist फैशन से देश का नुकसान है |
कपडों की मितव्वियता और पेट्रोल के अपव्यय से देश परेशान है |

प्रदीप जी बड़ी ही जोरदार बात कही आपने !!!

Dileepraaj Nagpal said...

Ham Bhi Apni Mahila Mitron Ko Samjhaate Hain Ki Ya To Choote Kapde Pahno Mat Aur Agar Phno To Baar-Baar Unhe Kheenco Mat...Acha Likha Hai Aapne...

दिगम्बर नासवा said...

वाह वाह मनोरिया जी...................क्या चोट मारी है, जोर का झटका धीरे से mara है

आकांक्षा~Akanksha said...
This comment has been removed by the author.
योगेन्द्र मौदगिल said...

भई वाह प्रदीप जी..... जय हो..

Ravi Prakash said...

सत्य, जो हमेशा कड़वा होता है

jayaka said...

फैशन के नाम पर.... शरीर के अंगों के प्रदर्शन को समाज कैसे बर्दाश्त कर रहा है?... आपने यहां वास्तविकता से ...याने कि कडवी सच्चाई से रुबरु कराया है।

Jyotsna Pandey said...

pradeep ji!

bahut sahi aur sateek vyngy........
इस नई low waist और show waist फैशन से देश का नुकसान है |
कपडों की मितव्वियता और पेट्रोल के अपव्यय से देश परेशान है |

ye gyandayni panktiyan ve nahin padhate
jinke liye ham inhen gadhate .

shubh kamnaayen ........

समयचक्र - महेद्र मिश्रा said...

खुले सत्य के दर्शन कराये . सही आप

विजययात्रा said...

हमारे देश की संस्कृति विदेश में बखानी जाती है... लेकिन यह कविता भी सच्चाई बयां कर रही है.... लगता है आदि मानव का जमाना फिर से लौटेगा.... हा हा हा.... सुंदर कविता

CHIRAG said...

बाक़ी सब तो ठीक है प्रदीप जी
लेकिन जिसका फोटो लगाया है, नीचे साभार उसका उल्लेख तो करना था!
ख़ैर बहुत सटीक और शालीन व्यंग्य है, संस्कृति के विखंडन पर……

हार्दिक बधाई स्वीकारें।

चिराग जैन CHIRAG JAIN said...

बाक़ी सब तो ठीक है प्रदीप जी
लेकिन जिसका फोटो लगाया है, नीचे साभार उसका उल्लेख तो करना था!
ख़ैर बहुत सटीक और शालीन व्यंग्य है, संस्कृति के विखंडन पर……

हार्दिक बधाई स्वीकारें।

Suman said...

nice

rajeevjainjaat said...

bahut sahihai sarkar..