Thursday 14 October 2010

global handwash day

  • कोई ना कोई तो ऐसी सूरत है
  • जिससे ये हेंड वाश जरूरत है
  • हाथ धोना सफाई की एक आदत है
  • हाथ धो कर पीछे पढ़ना एक कहावत है
  • भले लोगों में ये हो न हो हाथ धोने की आदत
  • किंतु चरितार्थ खूब होती है हाथ धोकर पीछे पड़ने की कहावत
  • मंदी शेयर बाज़ार के पीछे हाथ धोकर पडी है
  • मंहगाई भी हाथ धोकर आसमान पर जा चढी है
  • टिकिटअर्थी अपने आका के पीछे हाथ धोकर पड़े हैं
  • जिन्हें नही मिलता वे बाहर हाथ मलते हुए खड़े हैं
  • गरीब के पीछे पडी है हाथ धोकर बीमारी
  • मंहगा इलाज़ मुश्किल कौन देखे विवशता और लाचारी
  • ग़रीब बाप की कन्या बैठी है आज भी कुंवारी
  • हाथ धोकर पीछे पडी है उसकी लाचारी
  • इधर प्रशासन हाथ धोकर पीछे पडा है हाथ धुलाने को
  • मास्टर लगा है अपनी जेब से साबुन तोलिया जुटाने को
  • सार्थकता इस दिन की है कि कुछ सीख जाएँ इस आदत को
  • वरना तो सब कुछ ही न्योछावर है इस कहावत को
रचना प्रदीप मानोरिया 15th अक्टूबर 2008

3 comments:

Anonymous said...

bahut badiya ,..
acha laga pad kar...

Sonal

BrijmohanShrivastava said...

आदरणीय सर । मै बहुत दिन बाद आपके दर्शनों से लाभान्वित हो रहा हूं आज कल रतलाम में हूं । चार पांच माह की भटकन के वाद पुन ब्लॉग पर आगया हूं नियमित तो फिर भी नहीं रह पारहा हूं हां एक दो व्लाग पढ लेता हूं

BrijmohanShrivastava said...

आप को सपरिवार दीपावली मंगलमय एवं शुभ हो!
मैं आपके -शारीरिक स्वास्थ्य तथा खुशहाली की कामना करता हूँ