- विषय, वर्ग और आदतों को बढावा देने नए प्रकार का कलेंडर बुना
- हर एक के दिवस को मनाने कोई न कोई दिन चुना
- इस प्रकार राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ये विभिन्न दिवस मनाये जाते है
- वे कभी शिक्षक दिवस, हास्य दिवस या मातृ दिवस कहलाते है
- किंतु यह बिडम्बना है आज की
- अथवा खुमारी है समाज की
- अब स्वयं शिक्षक ही शिक्षक दिवस मनाता है
- स्वयं ही दरी जाजम और कुर्सी बिछाता है
- इन्जीनीर्यस ही इन्जीनीर्यस डे का करते हैं आयोजन
- एक मुख्य अतिथि कुछ जलपान या भोजन
- हास्य दिवस पर हंसने वाले इकठ्ठे हो जाते है
- हंसने वालों को हंसने के फायदे समझाते हैं
- हिन्दी दिवस की भी भिन्न नही बीमारी है
- इसे मनाने की कलमकार की ही जिम्मेदारी है
- वे कलमकार श्रोताविहीन कक्ष में करते हैं विचार
- परस्पर हिन्दी का दुखडा रोकर कर लेते हैं स्वल्पाहार
- गर ऐसा ही आलम रहा बरकरार
- सोता रहा समाज और ऊंघती रही सरकार
- तो फ़िर शहीद दिवस कैसे मनाया जायेगा ?
- इसे मनाने क्या कोई शहीद यहाँ वापिस आयेगा ?
- रचना प्रदीप मनोरिया
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Monday, 13 October 2008
कलेंडर (Calendar)
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