- शेयर बाजारी कारोबारी टूट गयी सब आस
- बनी चवन्नी जो था रुपया रोऊँ किसके पास
- अरे बुश की बलिहारी है चोट ये बड़े करारी है
- संभल न पाया गोता खाया महल बना जो ताश
- बड़ों बड़ों के छक्के छूटे चेहरा हुआ उदास
- अरे बुश की बलिहारी है चोट ये बड़े करारी है
- तीव्र गति से मंद मति से चाहें करें विकास
- ओंधें मुंह बाज़ार पडा है कारण क्या है ख़ास
- अरे बुश की बलिहारी है चोट ये बड़े करारी है
- मंदी हालत भाग्य को लानत हुया ये सत्यानाश
- धंधा ये आराम का जंचता अन्य न आता रास
- अरे बुश की बलिहारी है चोट ये बड़े करारी है
- प्रदीप मानोरिया संपर्क ०९४२५१३२०६०