- अफ़साने कुछ अनजाने से गीत पुराने लाया हूँ |
- तेरी महफ़िल में बातों से लफ़्ज़ चुराने आया हूँ ||
- लव खामोश और बन्द निगाहें स्याह अंधेरा छाया है |
- तेरी सांसो की आवाज़ें सुर मैं मिलाने आया हूँ ||
- खाली सागर फ़ैले पैमाने महफ़िल उजडी उजडी है |
- बेसुध रिंदो के आलम में दो घूँट मैं पाने आया हूँ ||
- रुत बरखा की मेघ दिखें न दिल धरती सा तपता है |
- आँसू की दो बूँद बहा कर तपन मिटाने आया हूँ ||
- दिल की चाहत दिल में रखकर वक्त बहुत अब बीत गया |
- जीवन की संध्या में अब मैं याद दिलाने आया हूँ ||
=Pradeep Manoria 9425132060