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Sunday, 20 June 2010

दिल गीत और सुर

  • अफ़साने कुछ अनजाने से गीत पुराने लाया हूँ |
  • तेरी महफ़िल में बातों से लफ़्ज़ चुराने आया हूँ ||
  • लव खामोश और बन्द निगाहें स्याह अंधेरा छाया है |
  • तेरी सांसो की आवाज़ें सुर मैं मिलाने आया हूँ ||
  • खाली सागर फ़ैले पैमाने महफ़िल उजडी उजडी है |
  • बेसुध रिंदो के आलम में दो घूँट मैं पाने आया हूँ ||
  • रुत बरखा की मेघ दिखें न दिल धरती सा तपता है |
  • आँसू की दो बूँद बहा कर तपन मिटाने आया हूँ ||
  • दिल की चाहत दिल में रखकर वक्त बहुत अब बीत गया |
  • जीवन की संध्या में अब मैं याद दिलाने आया हूँ ||
=Pradeep Manoria 9425132060