- अपनो के विछोह से |
- बंधे जिनके मोह से |
- उनके अवसान से |
- जीव के प्रयाण से |
- दुख की गहराई है |
- याद बहुत आई है |
- जितना मैं भुलाता हूँ |
- भूल नहीं पाता हूँ |
- मुझ पे उनका साया था |
- हाथों से मुझे खिलाया था |
- धूप में कुम्हलाता हूँ |
- कुछ सोच नहीं पाता हूँ |
- कैसे अब जी पाऊँगा |
- नहीं भुला पाऊँगा |
- नहीं भुला पाऊँगा, नहीं भुला पाऊँगा |
=प्रदीप मानोरिया
