- हमारे एक मित्र बड़े चहक रहे थे
- यात्रा के सपनों से महक रहे थे
- बोले आ रहा है त्योहारी अवकाश
- मुंबई में देखेंगे दीपावली का प्रकाश
- कार्यक्रम बनाया है करके गहन विचार
- जा रहे हैं शीघ्र ही हम मुंबई सपरिवार
- तैयारी पूरी है सब हो गई है आसानी
- यात्रा आरक्षण भी पुष्ट है कोई नही है परेशानी
- भली भांति पहुँच कर खूब घूमेंगे
- जुहू पर नहायेंगे पीयेंगे नाचेंगे झूमेंगे
- मैंने कहा मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं
- परन्तु मन में खटक रही एक बात है
- मुम्बई जाने से पूर्व मुम्बैई के लिए पार पत्र बनवाइए
- इस पासपोर्ट पर मुंबई के राज साहेब से अनुमति मंगवाइये
- मेरी इस सलाह पर अमल करना है सावधानी
- तभी यह सम्भव है कि न हो जन माल कि हानि
- उत्तर भारतीय का मुंबई में बिला-इजाज़त प्रवेश खतरनाक है
- क्योंकि मुम्बैई जिनके बाप की है उनकी ही वहाँ धाक है
- आप पर्यटक हो अथवा हो परीक्षार्थी
- मुम्बई की हवा हो गई है बहुत स्वार्थी
- वहां आपको गर शान्ति से घूमना और मज़े उठाना है
- तो हवा के मालिक को सर झुकाकर उनकी अनुमति मंगाना है
- प्रदीप मानोरिया २० अक्टूबर २००८
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Monday, 20 October 2008
मुम्बई के लिए पार पत्र
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