
- म न से तेरी मंशा का क्या तुझको अनुमान नहीं |
- खेल ये खूनी कब तक होगा क्या इसका भी भान नहीं ||
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- मुम्बई की भू माँ आँचल सी , सबको इसकी छाँव मिले |
- किंतु यू बी आर अरे तुम क्यों बेढंगी चाल चले ||
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- गुजराती या उत्तर का या फ़िर कन्नड़ वासी है |
- सब मिलजुल कर प्रेम से रहते सब ही भारतवासी है ||
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- भारत माँ के हर हिस्से में सबको मिलता प्यार हो |
- किंतु पवन देश की जो है बनते क्यों ठेकेदार हो ||
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- एक रसोई में है सम्भव सभी प्रेम से खाते हैं |
- कोई दाल सब्जी को खाता किसी को चावल भाते हैं ||
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- सभी अमन से रहें कहीं भी सबके मन में प्यार रहे |
- अपना अपना लोटा छाने सबको पानी की धार मिले ||
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- मुम्बई का आँचल अनादि से प्यार बांटता आया है |
- इस आँचल को मत फाडो तुम जिसकी सब पर छाया है ||
- पहेली :- यू बी आर = ?